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Yogi Adityanath Warning: ‘कालनेमि’ बन सनातन को कमजोर करने की साज़िश

Yogi Adityanath warning on Sanatan Dharma Kalnemi statement

Yogi Adityanath Warning on Sanatan Dharma: ‘कालनेमि’ से सावधान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक तीखा और चेतावनी भरा बयान दिया है, जो इस समय राजनीतिक और धार्मिक—दोनों गलियारों में बड़ी बहस का कारण बन गया है।

सीएम योगी ने साफ शब्दों में कहा कि—

“आज धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।”

उन्होंने समाज को आगाह करते हुए कहा कि ऐसे तत्वों से सतर्क रहने की ज़रूरत है, जो बाहर से धार्मिक प्रतीत होते हैं लेकिन अंदर से उनका एजेंडा सनातन धर्म की जड़ों को कमजोर करना है।


🔱 ‘कालनेमि’ का उदाहरण क्यों दिया योगी ने?

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में ‘कालनेमि’ का उल्लेख किया।
कालनेमि पौराणिक कथा का वह मायावी असुर था, जिसने साधु का वेश धारण कर हनुमान जी को भ्रमित करने का प्रयास किया था।

इसी संदर्भ में योगी ने कहा—

“आज भी समाज में कुछ लोग धर्म का चोला ओढ़कर सनातन के विरुद्ध काम कर रहे हैं।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों की पहचान केवल वेश से नहीं, बल्कि उनके आचरण और उद्देश्य से करनी होगी।


🛑 Prayagraj Magh Mela Controversy से जुड़ा बयान

यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रयागराज माघ मेले में
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर विवाद खड़ा हुआ।

मौनी अमावस्या के पावन स्नान के दौरान
प्रशासन द्वारा रोके जाने के बाद
यह मामला धर्म, प्रशासन और सामाजिक संगठनों के बीच तीखी बहस का विषय बन गया।

योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे संदर्भ में कहा—

“धर्म केवल दिखावे का विषय नहीं है,
बल्कि अनुशासन, मर्यादा और परंपरा के सम्मान का नाम है।”


🧘 सच्चा संत कौन? | योगी का स्पष्ट संदेश

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि—

  • सच्चा संत वही है
    • जिसका धर्म और राष्ट्र सर्वोपरि हो
    • जिसके पास न निजी संपत्ति हो
    • न कोई व्यक्तिगत स्वार्थ

“संत का उद्देश्य केवल धर्म की सेवा और समाज का कल्याण होना चाहिए।”

उन्होंने जनता से अपील की कि वह
असली और नकली धर्मगुरुओं में फर्क करना सीखे,
क्योंकि आज भ्रम फैलाकर समाज को गुमराह करने की कोशिशें हो रही हैं।


📊 राजनीतिक और सामाजिक असर

विश्लेषकों का मानना है कि
योगी आदित्यनाथ का यह बयान केवल धार्मिक नहीं,
बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद प्रभावशाली है।

आज जब सनातन धर्म
सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय संस्कृति की पहचान बन चुका है,
ऐसे बयान आने वाले समय में
राजनीति की दिशा और बहस—दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।

On: January 23, 2026 3:06 AM

4 AM TODAT TV

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