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UGC New Rules पर SC रोक, JNU में विरोध प्रदर्शन | 4 AM NEWS

UGC New Rules पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद JNU में छात्रों का विरोध प्रदर्शन

UGC New Rules पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद JNU में छात्र प्रदर्शन। इक्विटी कमेटी, जातिगत भेदभाव और कोर्ट के फैसले की पूरी रिपोर्ट।

UGC New Rules पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद दिल्ली की प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) का माहौल गर्मा गया है। कोर्ट के इस अंतरिम फैसले के खिलाफ JNU कैंपस में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसने एक बार फिर शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय को लेकर राष्ट्रीय बहस को तेज कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) के वर्ष 2026 में लागू किए गए नए नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक विश्वविद्यालयों में 2012 वाले पुराने नियम ही लागू रहेंगे


🔴 JNU में क्यों भड़का आक्रोश?

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद JNU के साबरमती हॉस्टल के बाहर करीब 50 छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी की और ब्राह्मणवाद के प्रतीकात्मक पुतले को जलाया।

👉 छात्रों का आरोप है कि
“यह फैसला सामाजिक समानता की दिशा में उठाए गए कदम को कमजोर करता है।”

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि UGC के नए नियम विश्वविद्यालयों में जातिगत भेदभाव रोकने की दिशा में एक जरूरी पहल थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की रोक से इस प्रक्रिया को झटका लगा है।


🔴 क्या थे UGC के नए नियम?

UGC New Rules 2026 का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता और न्याय को सुनिश्चित करना था।

नए नियमों के प्रमुख प्रावधान:

  • हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में Equity Committee का गठन
  • SC, ST, OBC और अन्य वंचित वर्गों के खिलाफ भेदभाव की शिकायतों का निपटारा
  • शिकायतों का समयबद्ध समाधान
  • लिंग, जाति और विकलांगता के आधार पर भेदभाव रोकना

UGC का दावा था कि इससे कैंपस में पारदर्शिता बढ़ेगी और पीड़ित छात्रों को न्याय मिलेगा।


🔴 सुप्रीम कोर्ट ने रोक क्यों लगाई?

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 29 जनवरी को हुई।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा:

“नियमों की भाषा स्पष्ट नहीं है और इसके गलत इस्तेमाल की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।”

कोर्ट का मानना है कि बिना पर्याप्त स्पष्टता के इन नियमों को लागू करने से विवाद और बढ़ सकते हैं।


🔴 JNU छात्रों की मुख्य मांगें

JNU में हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने साफ कहा कि:

👉 Equity Committee को पूर्ण स्वतंत्रता मिलनी चाहिए
👉 राजनीतिक या सामाजिक दबाव से मुक्त व्यवस्था हो
👉 शिकायतों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो

छात्रों का कहना है कि यदि कमेटी स्वतंत्र रहेगी, तभी कैंपस में वास्तविक समानता संभव है।


🔴 आगे क्या?

इस मामले में अगली सुनवाई 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में तय की गई है।
अब पूरे देश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि:

  • क्या सुप्रीम कोर्ट नए नियमों में बदलाव का सुझाव देगा?
  • या फिर UGC को नए सिरे से गाइडलाइन बनाने का निर्देश देगा?

फिलहाल, विश्वविद्यालयों में 2012 के पुराने नियम ही लागू रहेंगे, लेकिन बहस थमी नहीं है।


🔴 यह मुद्दा अब सिर्फ नियमों का नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा में समानता और न्याय की दिशा तय करने का बन चुका है।

On: January 30, 2026 5:13 PM

4 AM TODAT TV

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