छतरपुर में OBC महासभा का UGC New Rules के समर्थन में प्रदर्शन। 27% आरक्षण लागू करने की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन।
UGC New Rules OBC Protest की गूंज इस वक्त मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से देशभर तक सुनाई दे रही है।
UGC (University Grants Commission) के नए नियमों के समर्थन और OBC वर्ग को मिलने वाले 27% आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर OBC महासभा ने जोरदार प्रदर्शन किया।
सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे, नारेबाजी की और कलेक्टरेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि UGC के नए प्रावधान उच्च शिक्षा संस्थानों में व्याप्त भेदभाव को रोकने और OBC, SC, ST छात्रों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं।
🔴 छतरपुर में क्यों हुआ प्रदर्शन?
OBC महासभा के अनुसार, UGC द्वारा लाए गए नए नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा में पारदर्शिता, जवाबदेही और सामाजिक न्याय को मजबूत करना है।
लेकिन हाल के दिनों में इन नियमों को लेकर भ्रम और विरोध की स्थिति बनी, जिसके बाद संगठन सड़कों पर उतरा।
👉 प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि—
- UGC के नियम सामाजिक न्याय के खिलाफ नहीं, बल्कि उसके पक्ष में हैं
- इन नियमों से पिछड़े वर्ग के छात्रों के साथ होने वाले भेदभाव पर रोक लगेगी
🔴 “27% OBC आरक्षण हमारा हक है” – महासभा
प्रदर्शन के दौरान सबसे बड़ी मांग रही—
OBC वर्ग को मिलने वाला 27% आरक्षण, जो लंबे समय से अधर में बताया जा रहा है।
OBC महासभा के नेताओं ने कहा:
“पिछले कई वर्षों से 27% आरक्षण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया। इससे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।”
उनका कहना है कि आरक्षण से जुड़ी किसी भी तरह की अनिश्चितता सीधे-सीधे छात्रों के करियर और आत्मविश्वास को प्रभावित करती है।
🔴 प्रदर्शनकारियों की आवाज़: “भ्रम खत्म करे सरकार”
प्रदर्शन के दौरान मौजूद कई कार्यकर्ताओं और छात्रों ने कहा कि उन्हें UGC नियमों को लेकर अलग-अलग बातें सुनने को मिल रही हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
👉 मांग साफ है:
- सरकार UGC नियमों पर स्पष्ट और सार्वजनिक जानकारी दे
- OBC, SC, ST छात्रों के अधिकारों को लेकर कोई अस्पष्टता न रहे
एक प्रदर्शनकारी ने कहा:
“जब सरकार ने UGC बिल पास किया था, तो फिर उस पर रोक क्यों लगी? क्या पिछड़े वर्गों के अधिकार इतने कमजोर हैं कि उन्हें एक दिन में रोक दिया जाए?”
🔴 भेदभाव के आंकड़े और गंभीर आरोप
OBC महासभा के नेताओं ने उच्च शिक्षा संस्थानों में भेदभाव को लेकर गंभीर आंकड़े भी रखे।
उनका दावा है कि—
- OBC, SC, ST से जुड़े 90 हजार से ज्यादा मामले कोर्ट में लंबित हैं
- विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में आज भी जातिगत भेदभाव की शिकायतें सामने आती रहती हैं
एक वक्ता ने कहा:
“जब 10% EWS आरक्षण लागू हुआ, तब किसी को परेशानी नहीं हुई। लेकिन 27% OBC आरक्षण की बात आते ही विरोध क्यों?”
🔴 प्रशासन की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि—
- प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा
- OBC महासभा द्वारा सौंपा गया ज्ञापन विधिवत स्वीकार कर लिया गया
- किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी
कलेक्टरेट परिसर में अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई।
🔴 आगे क्या?
छतरपुर में हुए इस प्रदर्शन ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल खड़े कर दिए हैं—
👉 क्या सरकार जल्द UGC नियमों पर स्थिति स्पष्ट करेगी?
👉 क्या 27% OBC आरक्षण को लेकर ठोस फैसला आएगा?
👉 क्या उच्च शिक्षा में सामाजिक न्याय को वास्तव में मजबूत किया जाएगा?
फिलहाल OBC महासभा ने साफ कर दिया है कि—
“यह सिर्फ शुरुआत है। जब तक अधिकार नहीं मिलेंगे, आंदोलन जारी रहेगा।”











