V2V Technology: वाहन आपस में संवाद कर दुर्घटनाएं रोकेंगे
V2V Technology: वाहन आपस में संवाद कर दुर्घटनाएं रोकेंगे भारत जल्द लागू करेगा V2V तकनीक, जिससे वाहन आपस में संवाद कर सड़क दुर्घटनाएं कम होंगी। कैशलेस इलाज, AC केबिन और ADAS फीचर्स भी अनिवार्य।केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को ऐलान किया कि भारत जल्द ही व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) Communication तकनीक लागू करेगा। इस तकनीक के जरिए वाहन आपस में सीधे संवाद करेंगे और ड्राइवर को ऑटोमैटिक चेतावनी मिलेंगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में काफी कमी आएगी।
साथ ही सरकार ने दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस इलाज योजना, ट्रकों में AC केबिन, ADAS फीचर्स, भारत NCAP क्रैश टेस्ट, और नई बाइक के साथ दो ISI हेलमेट अनिवार्य करने जैसी कई सुरक्षा सुधार योजनाओं की भी घोषणा की।
मुख्य खबर (Main News Content)
1. V2V तकनीक क्या है?
V2V (Vehicle-to-Vehicle) प्रणाली के तहत वाहन एक-दूसरे के साथ सीधा संवाद करेंगे।
- यह तकनीक मोबाइल या इंटरनेट की जरूरत के बिना काम करेगी।
- वाहन सड़क पर मौजूद खतरों, मोड़ों और अन्य वाहनों की स्थिति की जानकारी साझा करेंगे।
- इसे एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) के साथ मिलाकर लागू किया जाएगा, जिससे सुरक्षा और प्रभावशीलता कई गुना बढ़ जाएगी।
2. लागत और लागू होने की प्रक्रिया
- प्रति वाहन अनुमानित लागत: ₹5,000–7,000
- नई गाड़ियों में अनिवार्य, पुरानी गाड़ियों में रेट्रोफिटिंग की सुविधा
- दूरसंचार विभाग फ्री स्पेक्ट्रम उपलब्ध कराएगा, ताकि वाहन निर्माता बिना अतिरिक्त लागत इसे लागू कर सकें
- सरकार का लक्ष्य: 2026 के अंत तक पूरी तरह लागू करना
3. सरकारी योजनाएं और सुरक्षा सुधार
A. कैशलेस इलाज योजना (Golden Hour)
- दुर्घटना के पहले एक घंटे (गोल्डन आवर) में ₹1.5 लाख तक मुफ्त इलाज
- सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध, ताकि समय पर इलाज न मिलने से किसी की जान न जाए
B. ट्रक ड्राइवरों के लिए AC केबिन
- अक्टूबर 2025 के बाद बनने वाले सभी ट्रकों में अनिवार्य
- लंबे समय तक ड्राइविंग करने वाले चालक की थकान कम करने में मदद
C. ADAS और स्मार्ट फीचर्स
- ऑटोमैटिक ब्रेकिंग: ड्राइवर न लगाए तो गाड़ी खुद ब्रेक लगाएगी
- ड्राइवर अलर्ट: नींद या ध्यान भटकने पर सचेत करेगा
- लेन वार्निंग: बिना सिग्नल लेन बदलने पर वाइब्रेशन या अलार्म
D. भारत NCAP क्रैश टेस्ट
- कारों को 1–5 स्टार रेटिंग
- 5 स्टार के लिए 6 एयरबैग, ESC और मजबूत बॉडी स्ट्रक्चर अनिवार्य
E. नई बाइक के साथ दो ISI हेलमेट अनिवार्य
- सभी नए दोपहिया वाहनों के साथ दो ISI मार्क वाले हेलमेट
F. स्लीपर बस और सुरक्षा सुधार
- केवल मूल निर्माताओं द्वारा बनी बस बॉडी की अनुमति
- सभी बसों में आग पहचान प्रणाली अनिवार्य
- सार्वजनिक बसें दिव्यांग-अनुकूल
Facts / Details Section
- मंत्रालय: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
- अधिकारियों का बयान: “V2V तकनीक से सड़क सुरक्षा में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।” – नितिन गडकरी
- लागू होने की तारीख: नई गाड़ियों में तत्काल, ट्रकों में अक्टूबर 2025 से
- लागत: ₹5,000–7,000 प्रति वाहन
फिलहाल मंत्रालय नियमों और मानकों को अंतिम रूप दे रहा है। आगे अपडेट में, V2V तकनीक के विस्तार और रेट्रोफिटिंग योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।















